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क्या न्यूजीलैंड के खिलाफ मुकाबले में ऋषभ पंत को मिलेगा मौका? सहायक कोच डेशकाटे ने कही यह बात

भारत के सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे ने कहा कि स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिये चैंपियंस ट्रॉफी मैच बाहर से देखना कठिन है, लेकिन इस स्तर पर खेल की यही प्रकृति है। पिछले दो ग्रुप मैचों में पंत प्लेइंग-11 से बाहर रहे हैं, जबकि केएल राहुल ने विकेटकीपिंग की है। उन्होंने मध्यक्रम में अच्छी बल्लेबाजी के साथ विकेट के पीछे भी अपने काम को बखूबी अंजाम दिया।
‘पंत के लिए बेंच पर बैठना कठिन रहा है’
डेशकाटे ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, ‘ऋषभ के लिए बाहर रहना काफी कठिन रहा है, लेकिन इस स्तर पर खेल का यही स्वभाव है। केएल का प्रदर्शन अच्छा रहा है। पंत को ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन हमें उन्हें तैयार रखना था। हमें नहीं पता कि कब उनकी जरूरत पड़ जाए। साथ ही दो बेहतरीन विकेटकीपर टीम में होना अच्छा है।’

‘भारत-न्यूजीलैंड के स्पिनरों के बीच मुकाबला’
डेशकाटे ने स्वीकार किया कि रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में दोनों टीमों के स्पिनरों के बीच मुकाबला होगा। उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड के पास भी चार स्पिनर हैं, लिहाजा स्पिनरों के बीच मुकाबला होगा। टूर्नामेंट से पहले हमने सोचा नहीं था कि स्पिनरों की इतनी बड़ी भूमिका होगी, लेकिन उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की और पिच से भी मदद मिली। मुझे यकीन है कि अगले मैच में भी ऐसा ही होगा।

राहुल ने कही थी यह बात
इससे पहले विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि चैंपियंस ट्रॉफी सेमीफाइनल में जगह बना लेने के बावजूद भारत विजयी टीम संयोजन में कोई छेड़छाड़ करेगा। बांग्लादेश और पाकिस्तान पर जीत के साथ भारत ने नॉकआउट चरण में प्रवेश कर लिया है, जबकि उसे न्यूजीलैंड से रविवार को आखिरी ग्रुप मैच खेलना है।

टीम के प्रदर्शन पर केएल राहुल का बयान
यह पूछने पर कि क्या टीम अब अपने प्रदर्शन से खुश है? राहुल ने कहा कि उन्होंने इस तरह से नहीं सोचा है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘इन बातों का उस समय असर पड़ा था। 2021 में सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाना या टूर्नामेंटों में अच्छा नहीं खेल पाना हमारे लिए सुखद समय नहीं था। हमने उससे सीखा है और पिछले दो तीन आईसीसी टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया है।’ भारतीय टीम दुबई में 2021 टी20 विश्व कप में पाकिस्तान से दस विकेट से हार गई थी। इसके बाद न्यूजीलैंड से हारकर सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी थी।’

‘किसे मौका मिलेगा, नहीं पता’
पंत के अलावा तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह, स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और वॉशिंगटन सुंदर अभी तक एक भी मैच नहीं खेले हैं। क्या आखिरी लीग मैच में उन्हें उतारा जा सकता है? इस बारे में राहुल ने कहा, ‘मैं नेतृत्व समूह का हिस्सा नहीं हूं, लेकिन मुझे यकीन है कि इसका लालच तो होगा। मैं इस स्थिति में पहले रहा हूं जब आपके पास खिलाड़ियों को आजमाने का मौका होता है, लेकिन मुझे नहीं पता कि यह चैंपियंस ट्रॉफी में होगा या नहीं। हम चाहते हैं कि सभी खिलाड़ियों को मौका मिले। यह मेरा अभी का विचार है, लेकिन पता नहीं कल शायद कुछ और हो।’

Pune Rape Case: ‘विस्तृत जांच के बाद तथ्य सामने आएंगे’, पुणे दुष्कर्म मामले में उपमुख्यमंत्री अजित का बयान

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने शनिवार को कहा कि पुणे दुष्कर्म का आरोपी गन्ने के खेत में छिपा हुआ था। उसे ड्रोन का इस्तेमाल करके पकड़ा गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि न्याय सुनिश्चित करने के लिए गहन जांच चल रही है। उन्होंने कहा, ‘परसों तक लोग सवाल उठा रहे थे कि उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। वह गन्ने के खेत में छिपा हुआ था। हमने उसे पकड़ने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। उसकी स्थिति ऐसी थी कि उसने आत्महत्या करने की भी कोशिश की। मैं इस बात पर अडिग हूं कि ऐसी घटनाएं कहीं नहीं होनी चाहिए। अब मामले की उचित जांच करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विस्तृत जांच के बाद तथ्य सामने आने दें। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

महाराष्ट्र की राजनीति पर बोलते हुए अजित पवार ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के राज्यभर में शिवसेना के प्रभाव का विस्तार करने के बयान पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘हर किसी को अपनी पार्टी का विस्तार करने का अधिकार है। एकनाथ शिंदे राज्य में जहां भी जाते हैं, वे कह सकते हैं कि वे जिले का भगवाकरण करना चाहते हैं। उसी तरह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कह सकते हैं कि वे पूरे जिले में भाजपा का झंडा देखना चाहते हैं। इसी तरह मैं भी कह सकता हूं कि मैं राज्य में हर जगह एनसीपी का झंडा देखना चाहता हूं, लेकिन इसमें कुछ खास नहीं है। हमने एकजुट होने का फैसला किया है। यह जनता ही तय करती है कि किसे जनादेश मिलेगा। हम काम करते समय राज्य के हित को आगे रखते हैं।

क्या है मामला?
पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि एक घर से खाना और पानी मांगने की वजह से 37 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया गया। वह पुणे के स्वारगेट बस स्टेशन पर एक सरकारी बस के अंदर एक महिला के साथ कथित रूप से दुष्कर्म करने के बाद भाग रहा था। पुलिस ने आरोपी का पता लगाने के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया। वह अपने पैतृक शिरुर तहसील में एक गन्ने के खेत में छिपा हुआ था। उसे आधी रात के आसपास गिरफ्तार कर लिया गया।

हिस्ट्रीशीटर दत्तात्रेय तीन दिन से फरार था
हिस्ट्रीशीटर दत्तात्रेय रामदास गाडे मंगलवार की सुबह पुणे के स्वारगेट बस स्टेशन पर राज्य परिवहन की बस के अंदर 26 वर्षीय महिला का यौन उत्पीड़न करने के बाद अपने पैतृक स्थान शिरुर भाग गया था। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था, लेकिन पुलिस उसके गांव तक पहुंचने में कामयाब रही। इसके बाद पता चला कि आरोपी पानी मांगने के लिए एक घर में गया था।

‘कन्नप्पा’ का टीजर हुआ रिलीज, अपने कबीले के लिए लड़ते दिखे विष्णु मांचू

साउथ इंडियन फिल्म ‘कन्नप्पा’ का टीजर रिलीज हो चुका है। फैंस को इस फिल्म के टीजर का लंबे समय से इंतजार था। निर्माता पहले ही फिल्म से जुड़े अभिनेताओं का लुक जारी करते हुए उनके किरदार से भी परिचित करा चुके हैं। अब टीजर से उन्होंने उत्सुकता को और भी बढ़ा दिया है। टीजर में विष्णु मांचू थिन्नाणु के किरदार में नजर आए हैं, जो अपने कबीले को दुश्मनों से बचाने के लिए युद्ध करते दिखे।

थिन्नाणु ने खाई कबीले को बचाने की कसम
विष्णु मांचू की बहुप्रतीक्षित फिल्म के टीजर में विष्णु मांचू अपने कबीले को आक्रमण से बचाने की सौगंध खाते हुए नजर आए। वह एक योद्धा की भूमिका में दिखे, जो अपने कबीले की आखिरी आशा हैं। टीजर की शुरुआत एक चेतावनी, “संकट का समय हमारे बहुत निकट आ पहुंचा है, शत्रु यमदूतों की तरह हमारे कबीले का नाश करने आ रहे हैं…” से होता है। वहीं, टीजर में अक्षय कुमार महादेव के किरदार में और काजल अग्रवाल माता पार्वती के के रूप में नजर आए। टीजर में आगे माता पार्वती ने शिव से पूछा कि ये आपका भक्त कैसे बनेगा? इसके बाद प्रभास की रुद्र के रूप में एंट्री दिखाई गई, जिसे देखकर लगता है कि वह  युद्ध में थिन्नाणु की मदद करेंगे। ट्रेलर देखकर संभवतः फैंस की उत्सुकता बढ़ने वाली है। कब होगी रिलीज?
कब होगी रिलीज?

वॉर सीक्वेंस की भी दिखी झलक
एक मिनट 25 सेकंड के टीजर में कुछ सेकंड्स के लिए वार सीक्वेंस भी देखने को मिला। इस दौरान विष्णु मांचू तीर-धनुष के साथ दुश्मनों से लोहा लेते नजर आएं।

कब होगी रिलीज?
विष्णु मांचू की बहुप्रतीक्षित फिल्म 25 अप्रैल 2025 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म में विष्णु मांचू, मोहन बाबू, प्रभास, मोहनलाल, अक्षय कुमार, शरत कुमार, काजल अग्रवाल, अर्पित रांका, ब्रह्मानंदम, सप्तगिरी, मुकेश ऋषि, मधुबाला, ऐश्वर्या भास्करन, ब्रह्माजी, देवराज, रघु बाबू, शिव बालाजी, संपत राम, लवी पजनी, सुरेखा वाणी, प्रीति मुकुंदन, कौशल और अधर्स रघु जैसे कलाकार शामिल हैं।

पीएम मोदी ने साझा की जहान-ए-खुसरो की झलकियां, कहा- आयोजन में हिंदुस्तान की मिट्टी…

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जहान-ए-खुसरो कार्यक्रम की झलकियां साझा कीं। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में वह एक दिन पहले शामिल हुए थे। इस साल अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा यह भव्य सूफी संगीत समारोह संगीत और संस्कृति को समर्पित है, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी के सुंदर नर्सरी में हुई।

ट्विटर पर शेयर की कार्यक्रम की झलक
पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकउंट पर साझा किया। वीडियो में विभिन्न कार्यक्रमों की प्रस्तुति की झलक दिखी। साथ ही पीएम का संबोधन भी दिखा। उन्होंने आयोजन की तारीफ की

क्या कहा पीएम मोदी ने?
कार्यक्रम में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देश की संस्कृति और कला के लिए ऐसे उत्सवों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “महफिल में आने से पहले मुझे तेह बाजार जाने का अवसर मिला… ऐसे पल ना केवल देश की संस्कृति और कला के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, बल्कि राहत की भावना भी लाते हैं।” पीएम मोदी ने आगे कहा, “जहान-ए-खुसरो की यात्रा 25 साल पूरे कर रही है। इन वर्षों में इस उत्सव ने लोगों के दिलों में जगह बनाई है, जो इसकी सबसे बड़ी सफलता है।” 

रमजान की दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर रमजान की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा, “मैं पूरे देश को रमजान की शुभकामनाएं देता हूं। चूंकि मैं सुंदर नर्सरी में हूं, इसलिए आगा खान को याद करना महत्वपूर्ण है। सुंदर नर्सरी को सुंदर बनाने में उनका योगदान कई कलाकारों के लिए वरदान रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “यहां प्रस्तुत ‘नजर-ए-कृष्ण’ में हमने अपनी साझी विरासत की झलक देखी। इस आयोजन में जहान-ए-खुसरो की अनूठी खुशबू है। हिंदुस्तान की मिट्टी की खुशबू!” पीएम मोदी ने कहा कि अमीर खुसरो ने उस समय भारत को दुनिया के सभी बड़े देशों से महान बताया था। उन्होंने कहा, “हजरत अमीर खुसरो ने उस समय भारत को दुनिया के सभी बड़े देशों से महान बताया था।उन्होंने संस्कृत को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ भाषा बताया था। वह भारत के ज्ञानियों को महानतम विद्वानों से भी महान मानते थे।”

कब तक चलेगा महोत्सव?
28 फरवरी से 2 मार्च तक चलने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव में दुनिया भर के कलाकार अमीर खुसरो की विरासत का जश्न मनाने के लिए एक साथ आते हैं। रूमी फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस महोत्सव की शुरुआत 2001 में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता और कलाकार मुजफ्फर अली ने की थी और इस साल यह अपनी 25वीं वर्षगांठ मना रहा है।

आलू किसानों का दर्द…जो किसी ने नहीं समझा, अनुसंधान केंद्र और फूड प्रोसेसिंग यूनिट; 6 साल से देख रहे सपना

आगरा की टेढ़ी बगिया पार करते ही सड़क के दोनों ओर कतार में खड़े शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज) और उनके सामने आलू की बोरियों से लदी ट्रॉलियां बरबस आपका ध्यान खींच लेती हैं। खेतों से आलू अब शीतगृह पहुंचने लगा है। पैदावार अच्छी हुई है लेकिन किसानों के चेहरे से खुशी गायब है, वजह दाम वैसे नहीं मिल रहे जैसी उम्मीद थी। किसानों का यह दर्द कमोबेश हर सीजन का है। उनका कहना है, सरकार हमारी कोई सुध नहीं ले रही। आलू अनुसंधान केंद्र और आलू आधारित फूड प्रोसेसिंग यूनिट सिर्फ सरकारी कागजों में सज रहे हैं। जमीन पर किसान आलू के साथ अपनी किस्मत पर रो रहा है, लागत तक नहीं निकल रही।

खंदौली कस्बे में आलू की बड़े पैमाने पर खेती होती है। यहां के उन्नतशील किसान डूंगर सिंह का कहना है कि किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या बीज की है क्योंकि अनुसंधान केंद्र नहीं है। इस वजह से क्षेत्र के ज्यादातर किसान कुफरी बहार (3797) किस्म के आलू की खेती करते हैं, जो मीठा होता है। अनुसंधान केंद्र होता तो यहां के वातावरण के मुताबिक, बीज तैयार होता और किसान दूसरे किस्म के भी आलू उगाते। फूड प्रोसेसिंग यूनिट न होने से भी किसानों को उचित कीमत नहीं मिल रही।

खेत में आलू की खुदाई के बाद मजदूरों से उसकी ग्रेडिंग कराकर बोरियों में भरवा रहे खंदौली क्षेत्र के गांव पैंतखेड़ा के युवा किसान धर्मेंद्र जुरैल ने कहा कि पैदावार तो अच्छी हुई है, पर लागत नहीं निकल रही। खुदाई कराकर शीतगृह तक ले जाने में ही 200 रुपये से अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं। एक पैकेट आलू (52.7 किलो की बोरी) 600 से 650 रुपये में बिक रहा है। ऐसे में हमें लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है।

किसानों से आलू खरीदने वाले व्यापारी भूरा सेठ कहते हैं, किसान से आलू लेकर मंडी तक पहुंचाने में कई खर्चे हैं। यहां का ज्यादातर आलू दक्षिण भारत और गुजरात जाता है। भुगतान भी देर से होता है। कई बार तो पैसे डूबने का भी खतरा रहता है इसलिए जोखिम भी है। सरकारी खरीद भी नहीं होती, जिससे किसान को ठीक दाम नहीं मिलता।

2019 में ही मिल गई थी अनुसंधान केंद्र को हरी झंडी
दिल्ली हाईवे पर गांव सींगना में अंतरराष्ट्रीय आलू अनुसंधान केंद्र बनाने की हरी झंडी 2019 में ही मिल गई थी। इसके लिए वर्ष 2020 में उद्यान विभाग ने करीब दस हेक्टेयर जमीन कृषि मंत्रालय को हस्तांतरित भी कर दी थी। यहां पेरू की मदद से 120 करोड़ रुपये की लागत से अनुसंधान केंद्र बनना था ताकि वैज्ञानिक आलू की नई प्रजातियों के साथ प्रोसेसिंग लायक आलू के बीज तैयार कर सकें। बीते छह साल में यहां धरातल पर कुछ काम नहीं हुआ है। एक साल पहले दस हेक्टेयर जमीन की अनुसंधान केंद्र के नाम रजिस्ट्री भर हुई है।

आगरा में 71 हजार हेक्टेयर में होती है आलू की खेती
प्रदेश में करीब 7 लाख हेक्टेयर भूमि पर आलू की बुवाई होती है। इसमें आगरा का रकबा करीब 71 हजार हेक्टेयर से ज्यादा का है। यहां खंदौली, शमसाबाद, एत्मादपुर, फतेहाबाद, किरावली क्षेत्र में आलू की बुवाई होती है। यूपी का 27 प्रतिशत आलू आगरा में ही पैदा होता है क्योंकि यहां की जलवायु और मिट्टी आलू उत्पादन के लिए सबसे उपयुक्त है। आगरा में सालाना करीब 50 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन होता है। इसके लिए हर साल 7 लाख मीट्रिक टन बीज की जरूरत पड़ती है।

आगरा में उगाई जाने वाली आलू की किस्में
आगरा में सबसे ज्यादा कुफरी बहार किस्म की खेती होती है। इसके बाद कुफरी मोहन, कुफरी चिप्सोना 1, 2, 3, 4, 5, कुफरी सदाबहार , कुफरी सूर्या, कुफरी आनंद, कुफरी पुखराज, कुफरी बादशाह, कुफरी ख्याति, कुफरी गरिमा आदि किस्में भी उगाई जाती हैं।

17वीं शताब्दी में भारत आया था आलू
आलू मूलरूप से भारतीय सब्जी नहीं है। इसकी उत्पत्ति दक्षिण अमेरिका के एंडीज पर्वत शृंखला में हुई थी। पेरू और बोलिविया में इसे हजारों वर्षों से लोग उगाकर खा रहे थे। 16वीं शताब्दी में आलू अमेरिका से यूरोप के देशों में पहुंचा और धीरे-धीरे लोकप्रिय हुआ। माना जाता है कि 17वीं शताब्दी के आसपास डच और अंग्रेज व्यापारी आलू को भारत ले आए। पहले यह समृद्ध परिवारों का हिस्सा रहा। 19वीं शताब्दी में आलू को यहां लोकप्रियता मिली और इसकी खेती उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में होने लगी।

आलू बोर्ड बने तभी होगा किसानों का भला
आलू उत्पादक किसान समिति के महासचिव आमिर का कहना है कि सरकार किसानों का सच में भला करना चाहती है तो आलू बोर्ड बनाए। उद्यान विभाग से इसे बाहर कर कृषि के दायरे में लाया जाए। प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 के चुनाव में आगरा के किसानों से फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ। अनुसंधान केंद्र भी केवल कागजों में दौड़ रहा है। सही नीति न होने से हमारे देश में खराब आलू शीतगृहों के बाहर सड़ता रहता है जबकि चीन में उससे शराब और सेंट बनाया जाता है। केंद्र व प्रदेश सरकार को इस पर सोचना होगा।

केंद्र सरकार का  है प्रोजेक्ट
उद्यान विभाग के उपनिदेशक धर्मपाल यादव ने बताया कि गांव सींगना में आलू अनुसंधान केंद्र के लिए जमीन स्थानांतरित हो गई है। यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है। विभाग के पास अभी इसमें कुछ नया अपडेट नहीं है।

अनुसंधान केंद्र के लिए  प्रयासरत हूं
 सांसद राजकुमार चाहर ने बताया कि सींगना में आलू अनुसंधान केंद्र के लिए मैं लगातार प्रयासरत हूं। बीते सप्ताह ही केंद्रीय कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी से मिला हूं। कृषि, पशुपालन व खाद्य प्रसंस्करण समिति में भी इस मुद्दे को उठाया है। उम्मीद है जल्द काम शुरू हो जाएगा।

लखीमपुर खीरी समेत इन जिलों में बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि, फसलों को नुकसान… किसान परेशान

रुहेलखंड से लेकर तराई तक मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवा चलने से फसलों को नुकसान होने की आशंका है, जिससे किसान परेशान हैं। लखीमपुर खीरी जिले में शुक्रवार रातभर रुक-रुककर अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश होती रही। शनिवार सुबह भी बादल छाए रहे और तेज हवा चलती रही। इसके चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। भारत-नेपाल सीमा से सटे संपूर्णानगर क्षेत्र के रानीनगर, मिर्चियां आदि गांवों में शनिवार को सुबह छह बजे बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। सड़कों पर ओलों की सफेद चादर बिछी नजर आई। ओलावृष्टि से गेहूं ओर सरसों समेत कई फसलों को नुकसान हुआ है। उधर, शाहजहांपुर के जलालाबाद में ओले गिरे हैं। 

बदायूं में बारिश के साथ बरसे ओले 
बदायूं के उसावां में शुक्रवार रात करीब 11 बजे बेमौसम बारिश के साथ ओले भी गिरे, जिससे फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा कई इलाकों में ओले गिरे हैं। शनिवार सुबह दस बजे तेज हवा के साथ फिर बारिश होने लगी। फसल गिरने की आशंका से किसान परेशान हैं। 

शाहजहांपुर में तेज हवा से बारिश 
शाहजहांपुर में शुक्रवार रात से शुरू हुआ बूंदाबांदी का सिलसिला शनिवार सुबह भी रुक रुककर जारी रहा। सुबह से बादल गरजने के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई। तेज हवा के साथ सुबह दस बजे तेज बारिश हुई। जलालाबाद क्षेत्र में ओले भी गिरे हैं। शुक्रवार रात में 1.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। उत्तरी और पूर्वी हवा चल रही है। फसल गिरने की आशंका से किसान परेशान हैं। 

तराई में भी बदला मौसम

तराई के मौसम में बदलाव से किसानों की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। बादल और बूंदाबांदी से किसान परेशान हैं। जिले में दो दिन से बादल छाए हैं। रुक-रुक कर बूंदाबांदी हो रही है। शुक्रवार की रात और शनिवार तड़के भी बूंदाबांदी हुई। हवा भी चल रही है। मौसम में सर्दी का असर भी बढ़ गया है। तेज बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। अगर बारिश हुई तो लाही की फसल को नुकसान पहुंचेगा। 

बरेली में शुक्रवार को दिनभर घने बादल छाए रहे, लेकिन बारिश के अनुकूल माहौल नहीं बना। देर शाम थोड़ी देर तक कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई। रात में बादल गरजते रहे। शनिवार को सुबह करीब आधे घंटे तक रिमझिम बारिश हुई। 

विधान परिषद में गूंजा शिक्षक तबादला मामला, 88 आवेदन… ट्रांसफर सिर्फ चार; प्रश्न प्रहर में विपक्ष ने घेरा

राजधानी लखनऊ स्थित विधान परिषद में सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में ट्रांसफर के लिए आए 88 आवेदनों में से सिर्फ चार शिक्षकों के तबादलों पर सवाल उठे। भाजपा के ही देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रश्न प्रहर में कहा कि सिर्फ इतना बता दिया जाए कि शेष मामलों में कब तक निर्णय ले लिया जाएगा। 

इस पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि स्थानांतरण नियमावली 2024 जारी की गई थी। सभी आवेदन एकल ट्रांसफर के लिए हैं, कोई भी आवेदन पारस्परिक स्थानांतरण के लिए नहीं है। छात्र हित में बीच सत्र में तबादले नहीं किए गए। अगले एक माह में परीक्षण पूरा हो जाएगा, जो उचित होगा, निर्णय ले लिया जाएगा।

जब उच्च शिक्षामंत्री ने सदन में जताया खेद

प्रश्न प्रहर में ही ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने एडेड महाविद्यालयों में 80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनरों की अतिरिक्त पेंशन का मामला उठाया। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शासनादेश का परीक्षण कराकर उसके मंतव्य का एक माह के भीतर पालन करा देंगे। त्रिपाठी ने एक ट्रांसफर के मामले में उच्च शिक्षा मंत्री के सदन में सही जानकारी न देने का मामला उठाया। इस पर मंत्री ने खेद प्रकट करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। सपा के डॉ. मान सिंह यादव ने नमामि गंगे विभाग में कोविड के दौरान मृत कार्मिकों के आश्रितों को नौकरी न देने का मुद्दा उठाया।

वित्तविहीन शिक्षकों के लिए सुविधाओं की मांग

ध्रुव त्रिपाठी ने बलिया के गांव पिपरसंडा में खेल मैदान का मुद्दा उठाया। साथ ही उन्होंने माध्यमिक के वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा शर्तें तय न होने का मामला भी उठाया। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों का वेतन कुशल श्रमिक के लिए निर्धारित राशि से कम नहीं होगा। 

प्रबंधतंत्र अपने स्रोतों से भुगतान करेगा। भाजपा के देवेंद्र प्रताप सिंह ने मऊ के दोहरीघाट ब्लॉक में भ्रष्टाचार का मामला उठाया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस मामले में कई अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। ब्लॉक प्रमुख पर भी नियमानुसार कार्रवाई होगी। 




45 दिन में 953 वीआईपी आए, इनमें सात सीएम, सात राज्यपाल, 190 न्यायमूर्ति भी

महाकुंभ के पलट प्रवाह के बीच 45 दिनों में 953 वीआईपी/वीवीआईपी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए हैं। इनमें सात सीएम, सात राज्यपाल, 190 न्यायमूर्ति और 161 मंत्री-नेता शामिल रहे। 

कमिश्नरेट की पुलिस के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 13 जनवरी से 26 फरवरी तक रोजाना 21 से ज्यादा वीआईपी काशी आए हैं। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल सहित सात राज्यपाल काशी आए और विश्वनाथ धाम जाकर दर्शन-पूजन किया। 

इसी तरह यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सहित सात सीएम भी काशी आए। यूपी सहित कई राज्यों के डिप्टी सीएम ने भी काशी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। दो राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष भी आए। सुप्रीम कोर्ट और अलग-अलग प्रदेशों के हाईकोर्ट के 190 न्यायमूर्ति ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए हैं। 

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर सहित केंद्र और अलग-अलग राज्यों के 145 मंत्रियों ने विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया है। तीन अलग-अलग समूहों में 213 विदेशी डेलीगेट्स भी काशी आए। फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन, उनकी बेटी व अभिनेत्री राशा थडानी, प्रीति जिंटा, परिणिति चोपड़ा, फिल्म विजय देवरकोंडा ने भी बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए हैं। क्रिकेटर आरपी सिंह ने भी दर्शन पूजन किया। इसी तरह ब्यूरोक्रेसी, उद्योग जगत और अन्य प्रमुख क्षेत्रों से 389 विशिष्ट शख्सियतों का भी काशी आगमन हुआ।

विशेष ट्रैफिक प्लान से शहर के अंदर रही सहूलियत

महाकुंभ के पलट प्रवाह के दौरान रोजाना छह लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं और वीआईपी के काशी आगमन के बीच भी शहर के आंतरिक हिस्से की यातायात व्यवस्था काफी हद तक सामान्य रही। इसके लिए कमिश्नरेट की पुलिस की ओर से विशेष ट्रैफिक प्लान बनाया गया था। गत 15 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हवाई सर्वे कर शहर की यातायात और भीड़ प्रबंधन का जायजा लिया था।

युवक ने दादा-दादी समेत तीन को कुल्हाड़ी से काट डाला; ताबड़तोड़ वार से सिर और जबड़े के हुए टुकड़े; तस्वीरें

गोरखपुर के झंगहा इलाके में शुक्रवार की भोर में मानसिक रूप से विक्षिप्त एक युवक ने भैंस को मारने से मना करने पर अपने दादा उनके भाई और दादी को कुल्हाड़ी और फावड़े से काट डाला। दादी के तो सिर के ही टुकड़े हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को कुल्हाड़ी और फावड़े के साथ गिरफ्तार कर लिया। किसी तरह जान बचाकर भागी आरोपी की मां की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है।

मोतीराम अड्डा के कोइरान टोला निवासी कुसमावती पत्नी विजय बहादुर मौर्य ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि उनका बेटा रामदयाल (25) मानसिक रूप से बीमार है। उसका इलाज चल रहा है। 

शुक्रवार को तड़के करीब पांच बजे रामदयाल भैंस को कुल्हाड़ी से मारने लगा। दादा कुबेर (72) ने उसे रोकने की कोशिश की तो उन पर कुल्हाड़ी और फावड़े से हमला कर दिया। बीच बचाव करने आई दादी द्रौपदी देवी (70) और कुबेर के बड़े भाई साधू (75) पर भी कुल्हाड़ी लेकर टूट पड़ा। दादी के सिर और जबड़े के टुकड़े हो गए।
रामदयाल की सनक देखकर मां कुसमावती जान बचाने के लिए भाग गईं। रामदयाल के हमले से लहूलुहान होकर कुबेर, द्रौपदी और साधू जमीन पर गिरकर तड़पते रहे। तीनों बुजुर्गों की मौत होने तक आरोपी उनके पास बैठा रहा। कुल्हाड़ी लिए बैठे रामदयाल का सनकी रूप देखकर कोई ग्रामीण या पड़ोसी बुजुर्गों की मदद के लिए आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सका। 

वारदात की सूचना पर एसपी उत्तरी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव गांव में पहुंचे और ग्रामीणों से पूछताछ कर छानबीन की। वहीं फारेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्रित किए।


दो दिन पहले पुलिस से छुड़ाया था दादा-दादी ने
रामदयाल पिछले एक सप्ताह से उग्र था। उसका एक्सीडेंट हुआ था, जिसके बाद से अजीब हरकतें कर रहा था। ग्रामीणों का कहना था कि काश कुबेर और उनकी पत्नी ने दो दिन पहले पोते रामदयाल को पुलिस से नहीं बचाया होता तो वह जिंदा होते। बताया कि रामदयाल ने दो दिन पहले गांव के रहने वाले सुरेश यादव के बेटे नीरज को लाठी से मार दिया था। इसके बाद राजेंद्र मौर्य को हंसिए से मारा था।

इस मामले में पुलिस रामदयाल को थाने ले जा रही थी, लेकिन कुबेर और उनकी पत्नी ने विनती करके उसे छुड़ा लिया था। पुलिसकर्मियों ने पूछा था कि राम दयाल की दवा करा रहे हैं तो कुबेर ने कहा था कि सोखा को दिखाया है। उन्होंने भभूत दिया है। इस पर पुलिस वालों ने अच्छे डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी थी।

ग्रामीण बोले
दो दिन पहले रामदयाल ने मेरे बेटे पर हमला किया था, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई थी। पुलिस मौके पर आई और बिना कोई कार्रवाई किए चली गई। अगर पुलिस ने कार्रवाई कर दी होती तो आज तीन बुजुर्गों की जान बच जाती।– सुरेश यादव, ग्रामीण

तीन पीढ़ियों से परिवार में मानसिक बीमारी की समस्या है। बीते बृहस्पतिवार को शाम सात बजे भी वह रामदयाल ने हंगामा किया था। धारदार हथियार लेकर सड़कों पर घूम रहा था। गांव में अफरा तफरी का माहौल था।– इंद्रेश मौर्या, ग्रामीण

इस परिवार से गांव के लोग कम ही मतलब रखते थे। हमेशा इनके परिवार में झगड़ा होता था। कोई छुड़ाने भी नहीं जाता था। तंत्र-मंत्र में ही लगे रहते थे, अच्छे से इलाज कराते हो तो उसका लाभ होता।– जितेन्द्र मौर्या, ग्रामीण

आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। वह मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। मां की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।– जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी

मणिपुर को लेकर अमित शाह ने की अहम बैठक, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए गृह मंत्रालय में बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और अन्य लोग शामिल हुए।